अर्जुन सहायक परियोजना

अर्जुन सहायक परियोजना : जल संकट से जूझ रहे बुंदेलखंड के लिए आशा की एक किरण

बुंदेलखंड क्षेत्र (दो राज्यों, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विस्तारित) को यदि भारत का जल संकट से सर्वाधिक ग्रसित क्षेत्र कहा जाए तो गलत नहीं होगा। वर्षों से विभिन्न दलों की सरकारों का शासन रहा, जल संकट से निपटने के लिए अनेकों उपाय किए गए किन्तु बुंदेलखंड की स्थिति में कोई विशेष अंतर नहीं आया। किन्तु 2017 में उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने एवं महंत श्री योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के पश्चात बुंदेलखंड क्षेत्र के जल संकट के निदान के लिए गंभीरता से प्रयास प्रारंभ हुए। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है अर्जुन सहायक सिंचाई परियोजना, जिसका लोकार्पण आज (19 नवंबर 2021) प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा किया जाना है। इस परियोजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश के 3 जनपदों में सिंचाई एवं पेयजल की सुविधा के विस्तार का लक्ष्य रखा गया है।

अर्जुन सहायक सिंचाई परियोजना : कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ

सन् 2009 में इस परियोजना की शुरुआत की गई थी किन्तु विभिन्न कारणों से इस परियोजना में कोई विशेष गति देखने को नहीं मिली। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य था बेतवा की सहायक नदी धसान से नहर के माध्यम से कई जिलों तक जल की उपलब्धता को बढ़ाना। इस नहर की लंबाई लगभग 70 किमी प्रस्तावित थी। 2017 में सीएम श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस परियोजना पर विशेष ध्यान दिया गया और इसे निर्धारित समय पर पूर्ण करने के प्रयास प्रारंभ हुए। अर्जुन सहायक सिंचाई परियोजना की कुल लागत 2655.35 करोड़ रुपए है। इस परियोजना के अंतर्गत अर्जुन फीडर, कबरई फीडर, इस्केप चैनल, कबरई बाँध, कबरई मुख्य नहर एवं वितरण प्रणाली सम्मिलित है।

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अर्जुन सहायक सिंचाई परियोजना के माध्यम से बुंदेलखंड क्षेत्र के 3 बाँधों को भरा जाएगा। परियोजना के माध्यम से प्रदेश के तीन जनपदों महोबा, बांदा एवं हमीरपुर के 168 गाँव लाभान्वित होंगे। इसका लाभ 01 लाख 49 हजार से अधिक कृषकों को प्राप्त होगा एवं इसके माध्यम से 59,485 हैक्टेयर भूमि को सिंचित बनाया जाएगा। साथ ही लगभग 200 लाख घन मीटर पेयजल आपूर्ति से 04 लाख लोगों को शुद्ध जल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

अन्य परियोजनाओं का भी लोकार्पण :

पीएम श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा कुछ अन्य परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया जाना है जिनमें अर्जुन सहायक परियोजना के अतिरिक्त भावनी बाँध परियोजना, रतौली बाँध परियोजना एवं मसगाँव-चिल्ली स्प्रिंकलर परियोजना भी सम्मिलित है। इन सभी परियोजनाओं (अर्जुन सहायक परियोजना को मिलाकर) के माध्यम से कुल 64,935 हैक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी जिसका लाभ कुल 192 गाँवों के 01 लाख 59 हजार कृषकों को प्राप्त होगा। महोबा, बांदा एवं हमीरपुर समेत ललितपुर के कुल 4.13 लाख व्यक्तियों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति होगी। इन परियोजनाओं के चलते न केवल बुंदेलखंड में जल संकट से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होगा अपितु क्षेत्र में धान, गन्ना एवं मूँगफली जैसी फसलों के उत्पादन में भी वृद्धि होगी।

बुंदेलखंड के जल संकट को समाप्त करने के प्रयास :

जैसा कि पहले ही बताया गया है कि 2017 में सत्ता में आने के पश्चात सीएम श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने बुंदेलखंड में जल संकट से निपटने के सभी उपायों पर गंभीरता से विचार करना प्रारंभ कर दिया था। इसी क्रम में सन् 2019 में ही श्री आदित्यनाथ की सरकार ने निजी सलाहकारों एवं कंपनियों को बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र के जल संकट से सर्वाधिक प्रभावित 09 जिलों में पाइपलाइन के माध्यम से जल आपूर्ति करने के प्रोजेक्ट पर विचार करने एवं उसका खाका तैयार करने का निमंत्रण दिया था। साथ ही राज्य सरकार ने इसके लिए 3000 करोड़ रुपए के बजट की व्यवस्था भी की थी।

इसके अतिरिक्त जल संकट से निपटने के अंतर्राष्ट्रीय उपायों पर भी ध्यान देते हुए अगस्त 2020 में उत्तर प्रदेश की सरकार एवं इजरायल के द्वारा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के परिणामस्वरूप ‘इंडिया-इजरायल-बुंदेलखंड वाटर प्रोजेक्ट’ अस्तित्व में आया। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत जल संरक्षण, जल वितरण एवं कृषि के लिए अत्याधुनिक जल उपयोग तकनीकी पर कार्य किया जाना सुनिश्चित हुआ। प्रोजेक्ट के प्रारम्भिक चरण में झाँसी जिले के बबीना ब्लॉक के 25 गाँवों को चुना गया।

2017 में उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालने के पश्चात मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने जिस प्रकार नीति पंगुता को समाप्त कर प्रदेश के चहुँमुखी विकास के लिए प्रयास किए हैं उनकी जितनी सराहना की जाए उतनी कम है। अभी हाल ही में पीएम श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में रिकॉर्ड समय में इस विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे का निर्माण पूर्ण हुआ। तत्पश्चात अब बुंदेलखंड क्षेत्र के सबसे बड़े संकट के समाधान का लोकार्पण किया जा रहा है। ऐसे में यह कहा जाना उचित होगा कि 2022 में सत्ता में पुनः बहुमत के साथ वापसी करने के पश्चात सीएम श्री आदित्यनाथ दोगुनी गति से उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए कार्य करेंगे एवं जो कार्य इस कार्यकाल में अपूर्ण रह गए हैं उन्हें निश्चित तौर पर पूर्ण करेंगे।